राजा नल की कुलदेवी माँ पसरदेवी का मंदिर शिवपुरी जिले से 45 km दूर नरवर के ऐतिहासिक किले पर बना हुआ है। नरवर का राजा नल की कुलदेवी माँ पसरदेवी है जो राज्य की रक्षा करती है। यहाँ माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में है। इसी कारण उन्हें पसरदेवी या भुजंगबल्या देवी कहा जाता है।
मंदिर की मुख्य जानकारी।
*स्थान: माँ पसरदेवी का मंदिर शिवपुरी जिले से 45 km दूर और ग्वालियर महानगर से 100 km दूर है।
*अनोखी बात: यहाँ माँ पसरदेवी माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में है जिसके कारण इन्हें माँ पसरदेवी कहाँ जाता है
*शेष नाग का पहरा: माता की मूर्ति पर शेष नाग लिपटा हुआ है
*नरवर से चढ़ाई: नरवर से आपको माँ पसरदेवी के मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको सीढ़ियों से चढ़के जाना होगा सीढ़ियों से किले पर पहुँचने के बाद अपने बाएँ तरफ से 1 km चलकर आप पसरदेवी माँ के मंदिर पर पहुँच जाएँगे
*विशेष चुनरी यात्रा: माता के नवदुर्गा में यहाँ पर विशेष चुनरी यात्रा निकाली जाती है जिसमें पूरे नगरवासी माता की चुनरी यात्रा में सम्मिलित होते है और शहर से चुनरी को लेते हुए पूरे किले पर चढ़कर माँ पसरदेवी पर चुनरी चढ़ाते हैं
* नव दुर्गा में विशेष महत्व : पसरदेवी माता मंदिर पर नवदुर्गाओं में सभी नगरवासी माता की पूजा आराधना करने जाते हैं
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